Teaching UGC NET Mock Test Series 2025 (Paper 1 & 2) हिन्दी साहित्य हिन्दी साहित्य का इतिहास भक्तिकाल
“टप टप बूंद परहिं जस ओला । बिरह पवन होइ मारै झोला ।” पंक्ति में आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने रेखांकित अंश से आशय ग्रहण किया है।
1
वात के प्रकोप से अंग का सुन्न हो जाना ।
2
विरह रूपी पवन से राख बन उड़ जाना।
3
कृशकाय होने के कारण असंतुलित होना ।
4
शरीर का अत्यधिक कम्पित होना ।