निम्नलिखित में से कौन-से कथन हिंदी कहानीकारों और उनकी कहानियों के संदर्भ में सत्य हैं?
(A) ‘चंद्रदेव से मेरी बातें’ राजेंद्र बाला घोष (बंग महिला) की कहानी है, जो हिंदी की प्रथम राजनीतिक कहानी मानी जाती है और इसमें वायसराय कर्जन के प्रशासन पर व्यंग्य है।
(B) ‘दुलाईवाली’ चंद्रधर शर्मा ‘गुलेरी’ की हास्य रस प्रधान कहानी है, जिसमें बंग-विभाजन का परिवेश और ग्रामीण स्त्रियों की अवधी मिश्रित भोजपुरी बातचीत दर्शायी गई है।
(C) ‘उसने कहा था’ गुलेरी की कहानी है, जो प्रथम विश्वयुद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित है और हिंदी की पहली कहानी है जिसमें फ्लैश बैक तकनीक का प्रयोग हुआ।
(D) ‘ताई’ विश्वंभरनाथ शर्मा ‘कौशिक’ की कहानी है, जो शरतचंद्र की बांग्ला कहानी ‘बिंदुर छेले’ से प्रभावित है और पारिवारिक समस्याओं का चित्रण करती है।
(E) ‘कानों में कंगना’ राधिकारमण प्रसाद सिंह की कहानी है, जो ‘सरस्वती’ में प्रकाशित हुई और नरेंद्र के पश्चाताप की कथा को दर्शाती है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प का चयन कीजिए -
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(A) ‘चंद्रदेव से मेरी बातें’ राजेंद्र बाला घोष (बंग महिला) की कहानी है, जो हिंदी की प्रथम राजनीतिक कहानी मानी जाती है और इसमें वायसराय कर्जन के प्रशासन पर व्यंग्य है।
(B) ‘दुलाईवाली’ चंद्रधर शर्मा ‘गुलेरी’ की हास्य रस प्रधान कहानी है, जिसमें बंग-विभाजन का परिवेश और ग्रामीण स्त्रियों की अवधी मिश्रित भोजपुरी बातचीत दर्शायी गई है।
(C) ‘उसने कहा था’ गुलेरी की कहानी है, जो प्रथम विश्वयुद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित है और हिंदी की पहली कहानी है जिसमें फ्लैश बैक तकनीक का प्रयोग हुआ।
(D) ‘ताई’ विश्वंभरनाथ शर्मा ‘कौशिक’ की कहानी है, जो शरतचंद्र की बांग्ला कहानी ‘बिंदुर छेले’ से प्रभावित है और पारिवारिक समस्याओं का चित्रण करती है।
(E) ‘कानों में कंगना’ राधिकारमण प्रसाद सिंह की कहानी है, जो ‘सरस्वती’ में प्रकाशित हुई और नरेंद्र के पश्चाताप की कथा को दर्शाती है।
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