"जीवन में कुछ चीजें कोमल तंतुओं से बँधी रहने पर ही संगठित रहती है; जब उन्हें अधिकार की लौह शृंखला से बाँधने के प्रयास किया जाता है तब वे बिखर जाती हैं।"
उपर्युक्त कथन किस पाठ से लिया गया है?
1
संस्कृति के चार अध्याय
2
क्या भूलूँ क्या याद करूँ
3
आवारा मसीहा
4
एक कहानी यह भी