Teaching UGC NET Mock Test Series 2025 (Paper 1 & 2) हिन्दी साहित्य हिन्दी साहित्य का इतिहास भक्तिकाल
“आये जोग सिखावन पाँडे x x x x x x x x
सूरदास तीनों नहिं उपजत धनिया, धान, कुम्हाँडे ।"
इस पद में 'तीनों' का व्यंग्यार्थ है
1
धनिया, धान, कुम्हाँडा
2
प्रेमाभक्ति साधना, निर्गुण की साधना, योग साधना
3
भक्ति, प्रकृति, ज्ञान
4
कृषि उपज, हृदय के भाव, साधना