अधिकार खोकर बैठे रहना, यह महा दुष्कर्म है।
न्यायार्थ अपने बंधु को भी , दण्ड देना धर्म है।
इस ध्येय पर ही कौरवों और पांडवों का रण हुआ।
जो भव्य भारत वर्ष के कल्पान्त का कारण हुआ।
उक्त पँक्तियों में प्रयुक्त छन्द का नाम बताइये?
1
हरिगीतिका
2
मुक्तक
3
छप्पय
4
सोरठा