Teaching UGC NET Mock Test Series 2025 (Paper 1 & 2) हिन्दी साहित्य हिन्दी साहित्य का इतिहास भक्तिकाल
"जानत हौं हरि रूप चराचर मैं हठि नैन न लावौं।
अंजन- केस - सिखा जुवति तहँ, लोचन - सलभ पठाव ।।"
- में रेखांकित अंश से असम्बद्ध अर्थ है।
1
नेत्रों में काजल लगाए हुए
2
पर्वत शिखर से बहते अनि झरने के समान
3
सटकारे काले केश वाली
4
दीपक की ज्योति के समान कामिनी