'पंत' की कविताओं के संबंध में सत्य कथन है-
A. 'निखिल पलकों का मौन पतन, तुम्हारा ही आमंत्रण' - यह 'परिवर्तन' कविता की पंक्ति है।
B. 'भूमि गर्भ में छिप विहंग-से, फैला कोमल, रोमिल पंख ,' - यह पंक्ति 'बादल' कविता की है।
C. 'स्तब्ध ज्योत्सना में जब संसार, चकित रहता शिशु सा नादान' - यह पंक्ति 'मौन- निमंत्रण' कविता में है।
D. 'यहाँ न पल्लव वन में मर्मर,यहाँ न मधु विहगों में गुंजन,' - यह पंक्ति 'बापू' कविता में आयी है।
E. 'कंकाल-जाल जग में फैले, फिर नवल रुधिर- पल्लव-लाली' - यह पंक्ति 'गा कोकिल, बरसा पावक कण' कविता में आयी है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए-
1
केवल A, D, E
2
केवल D, A, C
3
केवल B, C, E
4
केवल A, B, C