कौटिलीय-अर्थशास्त्रस्य विनयाधिकरणे प्रकरणानां समुचितः क्रमोऽस्ति-
(A) इन्द्रियजयः
(B) वृद्धसंयोगः
(C) मन्त्रिपुरोहितोत्पत्तिः
(D) अमात्योत्पत्तिः
(E) विद्यासमुद्देशः
अत्र समुचितं विकल्पं चिनुत-
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(A), (C), (D), (E), (B)
2
(B), (A), (C), (D), (E)
3
(C), (D), (B), (A), (E)
4
(E), (B), (A), (D), (C)