Teaching UGC NET Mock Test Series 2025 (Paper 1 & 2) हिन्दी साहित्य हिन्दी साहित्य का इतिहास आधुनिक काल
"काम - मंगल से मंडित श्रेय, सर्ग इच्छा का है परिणाम,
तिरस्कृत कर उसको तुम भूल बनाते हो असफल भव धाम।
उपर्युक्त छंद से स्पष्ट है कि प्रसाद ने -
1
निवृत्ति मार्ग का प्रतिपादन किया है।
2
प्रवृत्ति मार्ग का प्रतिपादन किया है।
3
निराशा और कुंठा को महत्त्व दिया है।
4
काम को गर्हित बताया है।