Teaching UGC NET Mock Test Series 2025 (Paper 1 & 2) हिन्दी साहित्य हिन्दी साहित्य का इतिहास रीतिकाल
कवि ठाकुर ने किस राजा के कटु वचन कहने पर म्यान से तलवार निकाल ली और कहा:
सेवक सिपाही हम उन रजपूतन के,
दान जुद्ध जुरिबे में नेकु जे न मुरके।
नीत देनवारे हैं मही के महीपालन को,
हिए के विरुद्ध हैं, सनेही साँचे उर के।
ठाकुर कहत हम बैरी बेवकूफन के,
जालिम दमाद हैं अदानियाँ ससुर के।
चोजिन के चोजी महा, मौजिन के महाराज
हम कविराज हैं, पै चाकर चतुर के।
1
अनूप गिरि उर्फ़ हिम्मत बहादुर
2
जगत सिंह
3
राजा पारीछत
4
महाराज उदितनारायण सिंह