Teaching UGC NET Mock Test Series 2025 (Paper 1 & 2) हिन्दी साहित्य हिन्दी साहित्य का इतिहास भक्तिकाल
चौसरिया के खेल में रे, जुग्ग मिलन की आस।
नर्द अकेली रह गयी रे, नहिं जीवन की आस हो।।"
- कबीर की इस पंक्ति में 'नर्द' शब्द का अर्थ है :
1
नंद
2
आत्मा
3
गोटी
4
खिलाड़ी