कोऊ नहिं पकरत मेरो हाथ ।
बीस कोटि सुत होत फिरत मैं हा हा होय अनाथ ।। 'भारत दुर्दशा' नाटक में उक्त गीत किस अंक में है?
1
पहिला अंक
2
दूसरा अंक
3
तीसरा अंक
4
चौथा अंक
कोऊ नहिं पकरत मेरो हाथ ।
बीस कोटि सुत होत फिरत मैं हा हा होय अनाथ ।। 'भारत दुर्दशा' नाटक में उक्त गीत किस अंक में है?