Teaching UGC NET Mock Test Series 2025 (Paper 1 & 2) हिन्दी साहित्य हिन्दी साहित्य का इतिहास भक्तिकाल
"जेहि पंखी के निअर होइ, कहै बिरह के बात।
सोइ पंखी जाइ जरि, तरिवर होइ निपात।। "
इस दोहे में अत्युक्ति है, लेकिन यह-
1
संवेदना अभिव्यक्ति के रूप में है।
2
परिणाम निर्देश के रूप में है।
3
केवल ऊहात्मक पद्धति के निर्वाह के लिए है।
4
अभिधात्मक अर्ध-बोध के लिए है।