"भारत की यह विशेषता रही है कि वह अनेक जातियों को घोंटकर एक जाति बना देता है।"
उपरोक्त पंक्तियों की रचना और रचनाकार हैं :
1
हिंदी साहित्य की भूमिका - हजारीप्रसाद द्विवेदी
2
संस्कृति के चार अध्याय - रामधारी सिंह दिनकर
3
मेरी तिब्बत यात्रा - राहुल सांकृत्यायन
4
क्या भूलूँ क्या याद करूँ - हरिवंश राय बच्चन