स्‍त्री - विमर्श की मूल स्‍थापना नहीं है -

1
सतीत्‍व ही स्‍त्रीत्‍व है।
2
स्‍त्री के स्‍वतंत्र व्‍यक्तित्‍व की स्‍वीकार्यता
3
सामाजिक वर्जनाओं से मुक्ति
4
परिवार संस्‍था का जनतांत्रीकरण

Sponsored

hivanix.in

Visit

This quiz is brought to you by hivanix.in

🌐 Web App Development

Quick Navigation