Teaching UGC NET Mock Test Series 2025 (Paper 1 & 2) हिन्दी साहित्य हिन्दी साहित्य का इतिहास आधुनिक काल
"ज़िंदगी स्वयं एक महान घड़ी है। प्रातः -संध्या उसकी सुइयाँ हैं। नियम-बद्ध एक-दूसरी के पीछे घूमती रहती हैं। मैं चाहती हूँ - मेरा घर भी घड़ी ही की तरह चले। हम सब उसके पुर्जे बन जाएँ और नियम-पूर्वक अपना-अपना काम करते जाएँ।" - अंजो दीदी नाटक में यह संवाद किसने किससे कहा?
1
अंजली द्वारा मुन्नी को कहा गया।
2
अनिमा द्वारा अंजली को कहा गया।
3
अंजली द्वारा अनिमा को कहा गया।
4
अंजली द्वारा नीरज को कहा गया।