हिंदी साहित्य में स्त्री विमर्श के रचनाकारों और उनके योगदान से संबंधित निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?
(A) अनामिका ने "मन माँझने की ज़रूरत" और "त्रिया चरित्र: उत्तरकांड" में स्त्री चेतना को लोक परंपराओं से जोड़ा।
(B) मृणाल पाण्डेय ने "स्त्री: देश की राजनीति से देह की राजनीति तक" में स्त्री अस्मिता के राजनीतिक आयामों को उजागर किया।
(C) मैत्रेयी पुष्पा ने "चर्चा हमारा" और "आवाज़" में ग्रामीण स्त्रियों की आवाज को सशक्त बनाया।
(D) प्रभा खेतान ने "बाज़ार के बीच: बाज़ार के खिलाफ" में स्त्री मुक्ति को केवल सामाजिक सुधारों के संदर्भ में विश्लेषित किया।
(E) शरद सिंह ने "आधी दुनिया पूरी धूप" और "औरत: तीन तस्वीरें" में भारतीय स्त्रियों के संघर्ष और सशक्तिकरण को चित्रित किया।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प का चयन कीजिए-
हिंदी साहित्य में स्त्री विमर्श के रचनाकारों और उनके योगदान से संबंधित निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?
(A) अनामिका ने "मन माँझने की ज़रूरत" और "त्रिया चरित्र: उत्तरकांड" में स्त्री चेतना को लोक परंपराओं से जोड़ा।
(B) मृणाल पाण्डेय ने "स्त्री: देश की राजनीति से देह की राजनीति तक" में स्त्री अस्मिता के राजनीतिक आयामों को उजागर किया।
(C) मैत्रेयी पुष्पा ने "चर्चा हमारा" और "आवाज़" में ग्रामीण स्त्रियों की आवाज को सशक्त बनाया।
(D) प्रभा खेतान ने "बाज़ार के बीच: बाज़ार के खिलाफ" में स्त्री मुक्ति को केवल सामाजिक सुधारों के संदर्भ में विश्लेषित किया।
(E) शरद सिंह ने "आधी दुनिया पूरी धूप" और "औरत: तीन तस्वीरें" में भारतीय स्त्रियों के संघर्ष और सशक्तिकरण को चित्रित किया।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प का चयन कीजिए-
1
केवल (A), (B), (E)
2
केवल (D), (E)
3
केवल (A), (B), (C), (E)
4
केवल (C), (D)