"वर्तमान समाज चल नहीं सकता। 
पूंजिस ए जुड़ा हुआ हृदय बदल नहीं सकता,
स्वातंत्र्य व्यक्ति का वादी 
छल नहीं सकता मुक्ति के मन को, जन को।"

उपर्युक्त पंक्तियाँ किस कविता में है?

1
नक्सलबाड़ी 
2
भूल-गलती 
3
ब्रह्मराक्षस 
4
अंधेरे में 

Sponsored

hivanix.in

Visit

This quiz is brought to you by hivanix.in

🌐 Web App Development

Quick Navigation