अनुच्छेद में रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए।
भारत की स्वतंत्रता के उपरान्त भारतीय समाज की समूची ______(1)______ में परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा। जिन मूल्यों के लिए स्वतंत्रता का संघर्ष किया गया वे मूल्य ______(2)______ हो गए। कमलेश्वर ‘नयी कहानी की भूमिका’ में लिखते हैं- ‘विभाजन, महोभंग, यांत्रिकता, विसंगतियाँ, परिवारों का विघटन, राजनितिक भ्रष्टाचार और व्याप्त असंतोष के बीच जो मनुष्य साँस ले रहा था, जिसका समकालीन साहित्य ______(3)______ से कतरा रहा था....या जिसके आंतरिक और बाह्य संकट को अभिव्यक्ति नहीं दे पा रहा था, वह मनुष्य इतिहास के क्रम में अपने पूरे परिवेश को लिए एक ______(4)______ राह पर सम्भ्रमित और चकित खड़ा था।’ सामाजिक विघटन और विसंगति का ऐसा रूप समाज की बदलती हुई परिस्थितियों के चलते उभरने लगा। बदलती हुई परिस्थितियों के साथ ही सामाजिक ______(5)______ में परिवर्तन होने लगा। लेकिन इस परिवर्तन की धारा विपरीत दिशा में बहते हुए भी अपने भीतर नयेपन को लेकर चल रही थी।