निर्देश- दिए गए प्रश्नों के उत्तर देने के लिए निम्नलिखित जानकारी का ध्यानपूर्वक अध्ययन करें।
दस अलग-अलग उत्पाद अर्थात् कोटा डोरिया, चंदेरी साड़ी, मधुबनी, बासमती चावल, कुल्लू शॉल, मुगा सिल्क, कुर्ग कॉफी, कच्छ कढ़ाई, दार्जिलिंग चाय और अल्फांसो आम दस अलग-अलग राज्यों अर्थात् गुजरात, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, बिहार, पंजाब, असम, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र को दस अलग-अलग वर्षों में अर्थात् 2002, 2003, 2007, 2010, 2012, 2013, 2015, 2017, 2018, 2022 में GI टैग मिला है, लेकिन इसी क्रम में होना आवश्यक नहीं है।
पंजाब अंतिम राज्य है जिसके उत्पाद को GI टैग मिला है और उसे एक खाद्य पदार्थ (पेय पदार्थ खाद्य में शामिल नहीं है) का टैग मिला है। कुल्लू शॉल छठा उत्पाद है जिसे GI टैग मिला है। बिहार को मधुबनी का जीआई टैग 2015 के बाद सम वर्ष में मिला और इसके अंतिम दो अंक 3 के गुणक हैं। मुगा सिल्क और मधुबनी को लगातार वर्षों में GI टैग मिला है। कच्छ कढ़ाई को सम वर्ष में GI टैग नहीं मिला है। बासमती चावल को कुल्लू शॉल के बाद GI टैग मिला है और उनके बीच कम से कम तीन राज्यों को टैग मिला है। दोनों पेय पदार्थों के बीच दो राज्यों को उनके उत्पादों का GI टैग मिला है, लेकिन वर्णानुक्रम में मिला है। कर्नाटक पहला राज्य है जिसके उत्पाद को GI टैग मिला है। दार्जिलिंग चाय को 2013 से पहले टैग मिला है। मध्य प्रदेश को दार्जिलिंग चाय के लिए टैग मिलने के बाद तीन राज्यों के बाद GI टैग मिला है। अल्फांसो आम को दार्जिलिंग चाय के तुरंत बाद टैग मिला है। अल्फांसो आम और कच्छ कढ़ाई के बीच दो राज्यों को टैग मिला है। महाराष्ट्र को बिहार से छह वर्ष पहले उत्पाद टैग मिला है। कोटा डोरिया को महाराष्ट्र से दो स्थान पहले या बाद में टैग मिला है। महाराष्ट्र और गुजरात के बीच दो राज्यों को टैग मिला है। मध्य प्रदेश को कोटा डोरिया के लिए GI टैग नहीं मिला है, बल्कि राजस्थान को यह टैग मिला है। हिमाचल प्रदेश को असम से पहले लेकिन पश्चिम बंगाल के बाद टैग मिला है।