निर्देश: दिए गए कथन को पढ़िए और उस जानकारी के साथ निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर ध्यानपूर्वक दीजिए:
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सरकार ने भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) द्वारा कर्ज में डूबे आईडीबीआई में नयी पूँजी के सम्भावित निवेश पर आन्तरिक प्रारम्भिक चर्चा की है, लेकिन बैंक में अपनी हिस्सेदारी बीमाकर्ता को बेचने पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। एलआईसी उस राशि का उपयोग बैंक को पूँजी पर्याप्तता अनुपात बनाए रखने के लिए पूंजीकरण के लिए करेगी। यह सरकार द्वारा हिस्सेदारी बिक्री नहीं होगी। सरकार को अन्तिम निर्णय लेने से पहले बैंकिंग, बीमा और बाजार नियामकों के साथ चर्चा करने की उम्मीद है।
निम्नलिखित में से कौन सा उपरोक्त कथन से तार्किक रूप से निकाला जा सकता है?
1
आईडीबीआई को अधिक पूँजी की आवश्यकता होगी और एलआईसी उस पैसे को बैंक को और मजबूत करने की दिशा में लगा सकती है। सरकार भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDA) और बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के साथ अनौपचारिक परामर्श कर सकती है।
2
सरकार ने 2015 में एक्सिस बैंक की तर्ज पर आईडीबीआई बैंक को परिवर्तित करने की अपनी योजना की घोषणा की थी, नयी इक्विटी जारी करने से अधिक पूँजी जुटाई जाएगी और बैंक में सरकार की हिस्सेदारी को भी कम किया जाएगा।
3
आईडीबीआई बैंक में बीमाकर्ता की पहले से ही 10.82% हिस्सेदारी है और इसे 15% से अधिक बढ़ाने के लिए नियामक मंजूरी की आवश्यकता होगी।
4
सरकार एक्सिस बैंक की तरह अपनी संपत्ति बदलने की योजना के तहत आईडीबीआई बैंक द्वारा अपनी हिस्सेदारी को 50% से नीचे लाने के लिए एक अधिमान्य पूँजी जारी करने पर विचार कर रही है।
5
सभी का अनुमान लगाया जा सकता है।