अपनी तरह की पहली डिजिटल लाइब्रेरी, ..................... भारतीय बच्चों और युवाओं में पढ़ने के प्रति आजीवन प्रेम पैदा करने का प्रयास करेगी, जिसके तहत बच्चों और किशोरों को 40 से अधिक प्रतिष्ठित प्रकाशकों द्वारा अंग्रेजी के अलावा 22 से अधिक भाषाओं में प्रकाशित 1,000 से अधिक गैर-शैक्षणिक पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी। इसका उद्देश्य देश में बच्चों और किशोरों के लिए विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों, भाषाओं, शैलियों और स्तरों पर गुणवत्तापूर्ण पुस्तकों की उपलब्धता को सुगम बनाना और डिवाइस-एग्नोस्टिक पहुंच प्रदान करना होगा।
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ई-विद्या
2
ई-संग्रहालय
3
ई-पुस्तकालय
4
ई-पुस्तकसंग्रहालय
5
ई-बुकहब