भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 की धारा 33 के अनुसार पूर्ववर्ती एवं आगामी चरण की कार्यवाही कब सुसंगत मानी जाती है?
1
दोनों कार्यवाहियों में शामिल पक्ष अलग-अलग होने चाहिए।
2
दोनों कार्यवाहियों में विवादित प्रश्न अलग-अलग होने चाहिए।
3
पिछली कार्यवाही में पक्षकारों को जिरह करने का अधिकार और अवसर अवश्य मिला होगा।
4
गवाह को आगामी कार्यवाही में साक्ष्य देने के लिए मजबूर किया जाना चाहिए।