भारतीय दंड संहिता की धारा 301 के अनुसार, इच्छित लक्ष्य के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की मृत्यु कारित करके अपराधिक मानववध तब मानी जाती है जब:
1
अपराधी किसी विशिष्ट व्यक्ति की मृत्यु का कारण बनना चाहता है लेकिन जानबूझकर किसी अन्य व्यक्ति की मृत्यु का कारण बनता है।
2
अपराधी का इरादा किसी विशिष्ट व्यक्ति को मौत का नहीं बल्कि नुकसान पहुंचाने का है, जिसके परिणामस्वरूप दूसरे व्यक्ति की मौत हो जाए।
3
अपराधी का इरादा या पता है कि उनके कार्यों से मृत्यु होने की संभावना है, जिसके परिणामस्वरूप इच्छित लक्ष्य के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की मृत्यु हो सकती है।
4
अपराधी का कोई इरादा नहीं होता लेकिन गलती से किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है।