दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 2 (wa) मे दी गई परिभाषा के अनुसार "पीड़ित" से ऐसा व्यक्ति अभिप्रेरित है जिसे उस कार्य या लोप के कारण कोई हानि या क्षति कारित हुई है जिसके लिए अभियुक्त व्यक्ति पर आरोप लगाया गया है और "पीड़ित" पद के अंतर्गत शामिल है-
1
केवल उसका संरक्षक
2
केवल उसका विधिक वारिस
3
उसका संरक्षक या विधिक वारिस
4
उसका संरक्षक या विधिक वारिस या नजदीकी मित्र.