भारतीय साक्ष्य अधिनियम के तहत किसी दस्तावेज़ की सामग्री के संबंध में मौखिक स्वीकारोक्ति को कब सुसंगत माना जाता है?

1
मौखिक स्वीकारोक्ति सदैव सुसंगत होती है, चाहे परिस्थितियां कुछ भी हों।
2
मौखिक स्वीकारोक्ति सुसंगत होती है यदि दस्तावेज़ के द्वितीयक साक्ष्य की अनुमति हो या दस्तावेज़ की वास्तविकता संदिग्ध हो।
3
मौखिक स्वीकारोक्ति केवल तभी सुसंगत होती है जब दस्तावेज़ सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हो।
4
मौखिक स्वीकारोक्ति केवल तभी सुसंगत होती है जब दस्तावेज़ किसी सरकारी प्राधिकारी द्वारा तैयार किया गया हो।

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