भारतीय दंड संहिता की धारा 326A के अंतर्गत वर्णित अपराध के लिए दोषी ठहराए गए व्यक्ति को कारावास से दंडित किया जा सकता है जो दस वर्ष से कम नहीं होगा, लेकिन जो आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है, साथ ही जुर्माना भी लगाया जा सकता है। इसका भुगतान पीड़ित को करना होगा। जुर्माना क्या होगा?
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1,00,000/- रुपये से कम नहीं
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5,00,000/- रुपये से अधिक नहीं
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पीड़ित के उपचार के चिकित्सा व्यय को पूरा करने के लिए न्यायोचित एवं उचित
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न्यायालय द्वारा निर्धारित की जाएगी, लेकिन किसी भी स्थिति में 5,00,000/- रुपए से कम नहीं होगी।