X, Y तथा Z एक फर्म के साझेदार थे तथा 5 ∶ 3 ∶ 2 के अनुपात में लाभ-हानि बांटते थे। फर्म अपनी पुस्तकें प्रति वर्ष 31 मार्च को बन्द करती है। 24 अगस्त 2022 को Y की मृत्यु हो गई। लाभ में उसके भाग की गणना पिछले वर्ष के लाभ के आधार पर की जानी थी। 31 मार्च 2022 को समाप्त हुए वर्ष के लिए फर्म का लाभ ₹2,40,000 था। मृत्यु के वर्ष में फर्म के लाभ में Y का भाग होगा:
1
₹30,000
2
₹72,000
3
₹28,800
4
₹80,000