Comprehension Passage
बोध-पुस्तक को पढ़िए और नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
1952 का भारतीय आम चुनाव स्वतंत्र भारत में अपनी तरह का पहला और विश्व लोकतंत्र में एक ऐतिहासिक क्षण था। सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के साथ प्रयोग विफल होने की भविष्यवाणियों के बावजूद, चुनाव सफल साबित हुआ। चुनाव प्रक्रिया लंबी थी, मतदान और परिणाम कई महीनों तक फैले रहे, फिर भी इसे व्यापक रूप से निष्पक्ष माना गया। पात्र मतदाताओं में से आधे से अधिक ने भाग लिया, और परिणामों को वैध माना गया, यहां तक कि हारने वालों ने भी। 1952 के चुनाव की सफलता ने आलोचकों को गलत साबित कर दिया और दिखाया कि भारत जैसे गरीब और अशिक्षित देश में भी लोकतंत्र काम कर सकता है।
1952 का भारतीय आम चुनाव स्वतंत्र भारत में अपनी तरह का पहला और विश्व लोकतंत्र में एक ऐतिहासिक क्षण था। सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के साथ प्रयोग विफल होने की भविष्यवाणियों के बावजूद, चुनाव सफल साबित हुआ। चुनाव प्रक्रिया लंबी थी, मतदान और परिणाम कई महीनों तक फैले रहे, फिर भी इसे व्यापक रूप से निष्पक्ष माना गया। पात्र मतदाताओं में से आधे से अधिक ने भाग लिया, और परिणामों को वैध माना गया, यहां तक कि हारने वालों ने भी। 1952 के चुनाव की सफलता ने आलोचकों को गलत साबित कर दिया और दिखाया कि भारत जैसे गरीब और अशिक्षित देश में भी लोकतंत्र काम कर सकता है।
1952 के आम चुनाव से पहले मुख्य आलोचना क्या थी?
1
यह बहुत महंगा होगा
2
यह अनुचित होगा
3
मतदाता निरक्षर होंगे
4
इसमें बहुत समय लगेगा