| सूची - I (सुधारात्मक उपाय) | सूची - II (प्रभाव) |
|---|---|
| A. बैंकिंग क्षेत्र का उदारीकरण | I. बैंकिंग क्षेत्र में बढ़ी हुई प्रतिस्पर्धा और दक्षता |
| B. बैंकों का निजीकरण | II. बेहतर वित्तीय समावेशन और बेहतर सेवाएँ |
| C. बैंकों का राष्ट्रीयकरण | III. बेहतर सार्वजनिक नियंत्रण और बचत का संचलन |
| D. तकनीकी प्रगति | IV. बैंकिंग पहुँच और सुविधा में वृद्धि |
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(A) - (III), (B) - (II), (C) - (IV), (D) - (I)
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(A) - (II), (B) - (IV), (C) - (I), (D) - (III)
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(A) - (IV), (B) - (I), (C) - (III), (D) - (II)
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(A) - (I), (B) - (III), (C) - (II), (D) - (IV)