Comprehension Passage
परागकण, जो आकार, आकृति, रंग और डिज़ाइन में प्रजातियों के अनुसार भिन्न होते हैं, आम तौर पर गोलाकार होते हैं। इनकी एक विशिष्ट दो-परतीय भित्ति होती है। परागकणों में दो कोशिकाएँ होती हैं। पराग का निर्माण लघुबीजाणुजनन से शुरू होता है। पराग गंभीर एलर्जी प्रतिक्रियाओं, जैसे अस्थमा को ट्रिगर कर सकता है।
A, B, C और D को नामांकित करें:
1
A-सहाय कोशिका, B-ध्रुवीय केंद्रक, C-अंड कोशिका और D-प्रतिव्यासांत
2
A-प्रतिव्यासांत, B-ध्रुवीय केंद्रक, C-अंड कोशिका और D-सहाय कोशिका
3
A-अंड कोशिका, B-ध्रुवीय केंद्रक, C-प्रतिव्यासांत और D-सहाय कोशिका
4
A-ध्रुवीय केंद्रक, B-प्रतिव्यासांत, C-अंड कोशिका और D-सहाय कोशिका