Comprehension Passage
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और अगले पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
मादा प्राइमेटों के प्रजनन चक्र को आर्तव चक्र भी कहते हैं। आर्तव चक्र की शुरूआत केवल यौवनारंभ प्राप्त करने पर होती है। सामान्यतः प्रति आर्तव चक्र में केवल एक अंड का उत्सर्जन होता है। डिंबग्रंथि और गर्भाशय में चक्रीय परिवर्तन, पिट्यूटरी और अंडाशय के हॉर्मोन के स्तर में परिवर्तन से प्रेरित होते हैं। मैथुन के बाद शुक्राणुओं को संकीर्ण पथ (इस्थमस) और तुंबिका (एम्पुला) के संधिस्थल पर परिवहित किया जाता है, जहाँ शुक्राणु, अंड को निषेचित करता है और द्विगुणित युग्मनज की रचना करता है।
मादा प्राइमेटों के प्रजनन चक्र को आर्तव चक्र भी कहते हैं। आर्तव चक्र की शुरूआत केवल यौवनारंभ प्राप्त करने पर होती है। सामान्यतः प्रति आर्तव चक्र में केवल एक अंड का उत्सर्जन होता है। डिंबग्रंथि और गर्भाशय में चक्रीय परिवर्तन, पिट्यूटरी और अंडाशय के हॉर्मोन के स्तर में परिवर्तन से प्रेरित होते हैं। मैथुन के बाद शुक्राणुओं को संकीर्ण पथ (इस्थमस) और तुंबिका (एम्पुला) के संधिस्थल पर परिवहित किया जाता है, जहाँ शुक्राणु, अंड को निषेचित करता है और द्विगुणित युग्मनज की रचना करता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा मानव स्त्री में अंडोत्सर्ग से पूर्व घटित नहीं होता है ?
1
पुटकीय प्रावस्था में LH और FSH का स्राव बढ़ जाता है।
2
पीत पिंड अधिक मात्रा में प्रोजेस्टेरॉन का स्रवण करता है।
3
चक्र के मध्य में LH और FSH शिखर स्तर तक पहुँच जाते हैं।
4
LH का अधिकतम स्राव ग्राफियन पुटिका के फटने को प्रेरित करता है।