Comprehension Passage
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:
प्राथमिक लसीकाभ अंग अस्थि मज्जा और थाइमस हैं, जहां अपरिपक्व लिम्फोसाइट प्रतिजन संवेदनशील लिम्फोसाइट में विभाजित होते हैं। ये प्लीहा, लसीका ग्रंथि, टॉन्सिल, छोटी आंत और परिशेषिका के पेयर पैच जैसे द्वितीयक लसीका अंग में चले जाते हैं। लिम्फोसाइट सहित सभी रक्त कोशिकाओं का निर्माण अस्थि मज्जा में होता है जो कि एक मुख्य लसीकाभ अंग है। प्लीहा एरिथ्रोसाइट (लाल रक्त कोशिका) का बड़ा भंडार है। यह एक बड़े सेम के आकार का अंग है जिसमें मुख्य रूप से लिम्फोसाइट और फैगोसाइट होते हैं। यह रक्त जनित सूक्ष्म जीवों को प्रग्रहित कर रक्त के निस्यंदक के रूप में कार्य करता है। लसीका ग्रंथि, लसीका तंत्र के साथ विभिन्न बिंदुओं पर स्थित छोटी ठोस संरचनाएं होती हैं। लसीका ग्रंथि में प्रग्रहित प्रतिजन वहां उपस्थित लिम्फोसाइट की सक्रियता के लिए उत्तदायी होते हैं और प्रतिरक्षा अनुक्रिया का कारण बनते हैं। श्वसन, पाचन और मूत्रजननांग पथ जैसे प्रमुख पथों के अस्तर के भीतर स्थित लसीकाभ समस्या है जिसे श्लेष्म संबद्ध लसीकाभ ऊतक (MALT) कहा जाता है।श्लेष्म संबद्ध लसीकाभ ऊतक (MALT) निम्न में से किसमें नहीं पाया जाता है?
1
मूत्रजननांग पथ
2
पाचन पथ
3
टॉन्सिल
4
श्वसन पथ