दो समान बिंदु आवेश, जिनमें से प्रत्येक का द्रव्यमान m और आवेश q है, समान लंबाई के दो विद्युतरोधी धागों द्वारा एकसमान क्षैतिज विद्युत क्षेत्र E में लटकाए गए हैं। संतुलन पर, प्रत्येक धागा ऊर्ध्वाधर के साथ कोण θ बनाता है। यदि कोण θ छोटा है, तो विद्युत क्षेत्र की तीव्रता E को इस प्रकार व्यक्त किया जा सकता है:
1
\( E = \frac{mg}{q} \cot(\theta) \)
2
\( E = \frac{q g}{m} \sin(\theta) \)
3
\( E = \frac{mg}{q} \sin(\theta) \)
4
\( E = \frac{mg}{q} \tan(\theta) \)