Z-2-phenyl-2-butene की ब्रोमीन के साथ अभिक्रिया से 63% प्रति-संयोजन (anti addition) और 37% सम-संयोजन (syn addition) होता है, जबकि Z-2-butene की ब्रोमीन के साथ अभिक्रिया से 100% प्रति-संयोजन होता है। इसे किस प्रकार समझाया जा सकता है?
A. एक मध्यवर्ती तीन-सदस्यीय वलय धनायन - एक ब्रोमोनीय आयन का निर्माण।
B. एल्कीन के π-बंध और द्विपरमाण्विक ब्रोमीन अणु की अन्योन्यक्रिया से ब्रोमीन अणु का ध्रुवीकरण होता है।
C. ब्रोमोनीय आयन संगत विवृत कार्बोधनायन मध्यवर्ती से अधिक स्थायी है।
D. ब्रोमोनीय आयन संगत विवृत कार्बधनायन मध्यवर्ती से कम स्थायी है।
सही उत्तर है:
1
A और C
2
A और D
3
A, B और C
4
केवल D