जब कोई उपभोक्ता Y-वस्तु की कुछ इकाइयों को छोड़ते हुए X-वस्तु की इकाइयों में वृद्धि करता है और फिर भी उसे उतनी ही संतुष्टि प्राप्त होती है, तो सीमान्त प्रतिस्थापन दर की गणना निम्न द्वारा की जायेगी
1
X-वस्तु में परिवर्तन
Y-वस्तु की सीमान्त उपयोगिता
Y-वस्तु की सीमान्त उपयोगिता
2
Y-वस्तु में परिवर्तन
X-वस्तु की सीमान्त उपयोगिता
X-वस्तु की सीमान्त उपयोगिता
3
X-वस्तु में परिवर्तन
Y-वस्तु में परिवर्तन
Y-वस्तु में परिवर्तन
4
Y-वस्तु में परिवर्तन
X-वस्तु में परिवर्तन
X-वस्तु में परिवर्तन