कट्टरपंथी नारीवाद की केंद्रीय मान्यता क्या है?
1
पितृसत्तात्मक उत्पीड़न सामाजिक मानदंडों में निहित है।
2
सामाजिक मानदंडों को बदले बिना लैंगिक समानता प्राप्त की जा सकती है।
3
आर्थिक असमानता नारीवाद का प्राथमिक केंद्र है।
4
व्यक्तिगत अधिकारों को सामूहिक अधिकारों पर प्राथमिकता दी जानी चाहिए।