निर्देश: निम्नलिखित जानकारी का ध्यानपूर्वक अध्ययन कीजिए और दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिये।
मनोज, राकेश, नीरज, सुखदेव, राजेश, रविंदर, हिमेश और अरविंद को आठ अलग-अलग महीनों (एक ही वर्ष के) अर्थात् जनवरी, फरवरी, मार्च, अप्रैल, मई, जून, जुलाई और अगस्त में एक संगोष्ठी में भाग लेना है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि वे इसी क्रम में हों। उनमें से प्रत्येक को केवल एक ही संगोष्ठी में भाग लेना है और ये 8 संगोष्ठी वाराणसी, नागपुर, गुड़गांव, अमृतसर, मैसूर, कोयंबटूर, मनाली और मिदनापुर में होने जा रहे हैं।
मनोज की संगोष्ठी 28 दिनों वाले महीने में, अन्य सभी शहरों में से उस शहर में है जो भारत के सबसे उत्तरी भाग में स्थित है। राकेश की संगोष्ठी अप्रैल में वाराणसी में है। हिमेश, राकेश के संगोष्ठी में भाग लेने के अगले महीने में मेट्रो शहर की संगोष्ठी में भाग लेगा। नीरज की संगोष्ठी वर्ष के पहले महीने में उस शहर में है जिस शहर में स्वर्ण मंदिर स्थित है। राजेश की संगोष्ठी 30 दिनों वाले महीने में है। अरविंद मई से अगस्त के महीने में संगोष्ठी में शामिल नहीं होगा। सुखदेव की संगोष्ठी, राजेश की संगोष्ठी के अगले महीने में है। अरविंद की संगोष्ठी या तो नागपुर या मिदनापुर में है। मैसूर में संगोष्ठी 30 दिनों वाले महीने में होगी। सुखदेव और रविंदर की क्रमशः नागपुर और कोयम्बटूर में संगोष्ठी है। नागपुर में, मार्च में संगोष्ठी होने के 4 महीने बाद जो महीना आता है उसमें एक संगोष्ठी होगी।