पृथ्वी के व्यास के अनुदिश एक सुरंग की खुदाई की जाती है। 'm' द्रव्यमान के कण का गुरुत्वीय त्वरण 'g' होता है, जब यह कण पृथ्वी के केंद्र से 'x' की दूरी पर होता है। तब इसके द्वारा अनुभव किया जाने वाला बल 'F' होगा-
1
F ∝ x
2
F ∝ m
3
F' ∝ x-1 g-1
4
F' ∝ m-1 g'