भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 के अनुसार, अदालती कार्यवाही में स्वीकृति की विधिक स्थिति क्या है?

1
स्वीकारोक्ति निर्णायक प्रमाण है
2
स्वीकारोक्ति को साक्ष्य नहीं माना जाता
3
प्रवेश निषेध के रूप में कार्य कर सकते हैं
4
प्रवेश हमेशा बिना किसी प्रश्न के स्वीकार किए जाते हैं

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