परक्राम्य लिखत, 1881 की धारा ........... प्रदान करती है कि "यदि विनिमय पत्र का धारक उपरवाल को सार्वजनिक छुट्टियों को छोड़कर, अड़तालीस घंटे से अधिक की अनुमति देता है, यह विचार करने के लिए कि क्या वह स्वीकार करेगा वही, ऐसे भत्ते के लिए सहमति न देने वाले सभी पिछले पक्ष इस तरह ऐसे धारक के प्रति दायित्व से मुक्त हो जाते हैं।''

1
धारा 83
2
धारा 84
3
धारा 85
4
धारा 87

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