किशोर न्याय (बाल देखभाल व संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 2 (5) के अनुसार, "आफ्टरकेयर" से क्या तात्पर्य है?
1
अठारह वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को, जो अभी भी संस्थागत देखभाल में हैं, वित्तीय या अन्य प्रकार से सहायता प्रदान करना।
2
इक्कीस वर्ष से अधिक आयु के उन व्यक्तियों को वित्तीय सहायता प्रदान करना जिन्होंने संस्थागत देखभाल छोड़ दी है।
3
उन व्यक्तियों को वित्तीय या अन्य प्रकार से सहायता का प्रावधान करना, जिन्होंने अठारह वर्ष की आयु पूरी कर ली है, किन्तु इक्कीस वर्ष की आयु पूरी नहीं की है, तथा जो समाज की मुख्यधारा में शामिल होने के लिए किसी संस्थागत देखभाल को छोड़ चुके हैं।
4
कानून का उल्लंघन करने वाले किशोरों को मनोवैज्ञानिक परामर्श प्रदान करना।