अभिकथन: "जो आता है उसे नामे (डेबिट) करें, जो जाता है उसे जमा (क्रेडिट)करें" की अवधारणा व्यक्तिगत और वास्तविक दोनों खातों पर लागू होती है।
कारण: व्यक्तिगत खाते व्यक्तियों और कृत्रिम संस्थाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं जबकि वास्तविक खाते मूर्त और अमूर्त संपत्तियों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
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अभिकथन और कारण दोनों सत्य हैं और कारण अभिकथन की सही व्याख्या है।
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अभिकथन और कारण दोनों सत्य हैं लेकिन कारण, अभिकथन की सही व्याख्या नहीं है।
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अभिकथन सत्य है लेकिन कारण असत्य है।
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अभिकथन और कारण दोनों असत्य हैं।