निर्देश: निम्नलिखित प्रत्येक प्रश्न में, कथन के बाद दो निष्कर्ष I और II दिए गए हैं। आपको इस कथन को सत्य मानना है, भले ही यह सर्वज्ञात तथ्यों से भिन्न प्रतीत होता है। आपको तय करना है कि दिए गए कथन से निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष निश्चित रूप से निकाला जा सकता है।
कथन:
भारतीय रिजर्व बैंक ने संस्थाओं को निर्देश दिया कि वे "आभासी मुद्राओं" यानी क्रिप्टोकरेंसी में व्यापार करने वालों को सेवाएं प्रदान न करें। भारतीय रिजर्व बैंक की चेतावनियों के बावजूद इंटरनेट पर आभासी मुद्राओं का उपयोग भारत में प्रचलित है।
निष्कर्ष:
I. भारतीय रिजर्व बैंक के सर्कुलर का उद्देश्य उन एजेंसियों का गला घोंटना था जो क्रिप्टोकरेंसी में ट्रेडिंग की सुविधा के लिए उन्हें बैंकों से काटकर एक मंच प्रदान करना चाहते थे।
II. भारतीय रिजर्व बैंक इस स्टैंड के साथ सामने नहीं आया है कि क्रिप्टोकरेंसी द्वारा विनियमित किसी भी संस्था को क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज के कारण कोई नुकसान हुआ है।