किस मामले में यह माना गया कि "मजिस्ट्रेट के पास मुकदमा शुरू होने तक संज्ञान के बाद दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156(3) के तहत किसी अपराध की आगे की अन्वेषण का आदेश देने की शक्ति है"
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दत्तात्रेय बनाम महाराष्ट्र राज्य (2020)
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हरचंद सिंह बनाम महाराष्ट्र राज्य (1974)
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विनुभाई हरिभाई मालवीय बनाम गुजरात राज्य (2019)
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मलकैत सिंह बनाम. पंजाब राज्य (2019)