किस मामले में माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने माना कि वाणिज्यिक न्यायालयों, वाणिज्यिक प्रभाग और उच्च न्यायालयों के वाणिज्यिक अपीलीय प्रभाग अधिनियम, 2015 द्वारा सिविल प्रक्रिया संहिता में जोड़ा गया प्रावधान अनिवार्य है और वाणिज्यिक मुकदमों में कोई लिखित बयान रिकॉर्ड पर नहीं लिया जा सकता है, अगर यह मुकदमे के सम्मन की सेवा की तारीख से 120 दिनों के भीतर दायर नहीं किया जाता है?
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डॉल्बी इंटरनेशनल एबीवी दास टेलीकॉम प्राइवेट लिमिटेड (2018)
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अर्जुन पंडित राव खोतकर बनाम कैलाश खुशनराव (2020) एससी
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मेसर्स एससीजी कॉन्ट्रैक्ट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड बनाम केएस चमनकर इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड (2019)एससी
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इनमे से कोई भी नहीं