खेमा का अभियोजन कालू इसलिये करता है कि उसने कालू की कार चुराई है। खेमा दोषसिद्ध किया जाता है। तत्पश्चात कालू उस कार के लिये, जिसे खेमा ने दोषसिद्ध होने से पूर्व गणेश को बेच दिया था, गणेश पर वाद लाता है। खेमा की दोषसिद्धि का उक्त निर्णय कालू और गणेश के वाद में;
1
असंगत है।
2
सुसंगत है।
3
न्यायालय की पूर्व अनुमति से ही सुसंगत है।
4
उपरोक्त में से कोई नहीं।