ऐसे व्यक्ति, जो किसी सम्पत्ति का विनिर्दिष्ट प्रयोजनों के उपयोग करने का अधिकार रखते हुए उसे अन्य प्रयोजनों के लिये दुरूपयोजन कर ले के विरुद्ध अपकृत्य सम्बन्धी वाद संस्थित करने की परिसीमा अवधि है;
1
क्षतिग्रस्त व्यक्ति को प्रथम बार दुरूपयोजन के ज्ञात होने की दिनांक से एक वर्ष।
2
क्षतिग्रस्त व्यक्ति को प्रथम बार दुरूपयोजन के ज्ञात होने की दिनांक से दो वर्ष।
3
क्षतिग्रस्त व्यक्ति को प्रथम बार दुरूपयोजन के ज्ञात होने की दिनांक से तीन वर्ष।
4
क्षतिग्रस्त व्यक्ति को प्रथम बार दुरुपयोजन के ज्ञात होने की दिनांक से चार वर्ष।