state gov Rajasthan Judicial Services Mock Test Series (Latest Syllabus) SRA Rectification and Cancellation of Instruments
एक लिखत में, पक्षकारों की पारस्परिक भूल जो कि उनके वास्तविक आशय को अभिव्यक्त नहीं करती है, लिखत के किसी भी पक्षकार द्वारा परिशोधित करवाई जा सकती है;
1
पंजीकरण अधिनियम, 1908 के अन्तर्गत वाद संस्थित करके ।
2
व्यवहार प्रक्रिया संहिता, 1908 की धारा 152 के अन्तर्गत आवेदन पत्र प्रस्तुत करके ।
3
विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम, 1963 की धारा 26 के अन्तर्गत वाद संस्थित करके ।
4
परिशोधित नहीं करवाई जा सकती है।