सिविल प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत पुनरीक्षण की प्रकृति यही है-
1
यह कार्यवाही पर प्रतिबंध हेतु कार्य करता है
2
यह वाद स्थगन/मुकदमा पर प्रतिबंध के रूप में कार्य करता है
3
यह कार्यवाही पर प्रतिबंध के रूप में कार्य करता है और दोनों के लिए उपयुक्त है
4
यह मुकदमे और कार्यवाही पर प्रतिबंध के रूप में काम नहीं करेगा, सिवाय इसके कि जब ऐसा मुकदमा या कार्यवाही उच्च न्यायालय द्वारा रोक दी गई हो